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Hindi Desi Story - राज और भाभी...

मेरा नाम राज है। मैं कानपुर का रहने वाला हूं। मैं आप को अपनी कहांनी बताने जा रहा हूं। हमारे घर मैं, मम्मी और भैया तीन लोग ही थे। भैया का नाम मोहन है। भैया बहुत ही गुस्से वाले हैं। वो बात बात पर गुस्सा करते थे इसलिये मैं उनसे बहुत डरता था। मम्मी मुझे बहुत प्यार करती थी। भैया मुझसे 6 साल बड़े हैं। ये उस समय की बात है जब मैं 12 साल का था। भैया की शादी हो गयी थी। भाभी का नाम मीना था और वो अभी उम्र में छोटी ही थी। भाभी मुझे बहुत प्यार करती थी और मेरी देखभाल भी करती थी। उनसे मुझे मम्मी और भाभी दोनो का प्यार मिलता था। भाभी के आ जाने के कुछ दिन बाद मैने देखा कि भैया भाभी से बहुत डरने लगे। वो उनकी हर बात, चाहे सही हो या गलत, तुरन्त ही मान लेते थे।

एक दिन भाभी ने मम्मी से कहा, अब आप रहने दो, आज से मैं ही राज को तेल लगाऊंगी और नहलाऊंगी भी। मम्मी ने कहा, मैं तो इसकी छुन्नि पर भी तेल लगा कर खूब मालिश करती हूं। तू कैसे करेगी। भाभी ने कहा, तो क्या हुआ, मैं राज की देखभाल ठीक वैसे ही करूंगी जैसे कि आप करती हैं। भाभी मेरी देखभाल मम्मी कि तरह से करने लगी। वो मेरे सारे कपड़े उतार देती और फिर मम्मी कि तरह से मेरे सारे बदन पर तेल लगाती थी। उसके बाद मेरी छुन्नि पर भी तेल लगा कर मालिश करती थी। फिर वो मुझे अपने साथ बाथरूम ले जाती और अपने सारे कपड़े भी उतार कर एक दम नंगी हो जाती। उसके बाद वो मुझे अपने साथ ही नहलाती थी।

भैया की शादी के 6 महीने के बाद ही मम्मी का स्वर्गवास हो गया तो मैं उदास रहने लगा। मैं कई दिनो तक स्कूल नहीं गया। भाभी ने मुझे प्यार से समझाया, राज, तुम घबराओ मत, मैं तुम्हारी देखभाल ठीक उसी तरह से करूंगी जैसे तुम्हारी मम्मी किया करती थी। मैं धीरे धीरे भाभी से एक दम घुल मिल गया और मम्मी को भूल गया। अब मुझे मम्मी कि याद नहीं सताती थी। जब कभी मैं शरारत करता तो भैया मुझ पर गुस्सा हो जाते थे। जैसे ही भैया मुझ पर गुस्सा होते तो भाभी उन्हें घूर कर देखती और वो तुरन्त ही चुप हो जाते।

धीरे धीरे 3 साल गुजर गये। मैं 15 साल का हो गया। मेरी छुन्नि भी अब थोड़ी बड़ी हो चुकी थी। भाभी जब तेल लगने के लिये मुझे एक दम नंगा कर देती तो मुझे शरम आती थी। फिर जब वो मेरे सारे बदन पर तेल लगने के बाद मेरी छुन्नि पर तेल लगा कर मालिश करती तो मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था, तब मैं और ज्यादा शरमा जाता था। वो कभी कभी मेरी छुन्नि को चूम भी लेती थी। भाभी मुझसे अकसर मजाक में कहा करती थी, तेरी छुन्नि तो 15 साल की उमर में ही जवान आदमियों कि तरह हो गयी है। मुझे अब तेरी शादी करनी पड़ेगी। मुझे तेरी छुन्नि बहुत अच्छी लगती है। उनकी बात सुनकर मैं शरमा जाता था।

मैने भाभी से कहा, अब मैं बड़ा हो गया हूं मैं खुद ही नहा लूंगा। वो बोली, क्यों अब तुझे शरम आती है। मैने कहा, हां। वो बोली, बदमाश कही का, आज तक मैं तेरी छुन्नि पर तेल लगा कर मालिश करती रही और तुझे अपने साथ नहलाती रही। मुझे आज तक शरम नहीं आयी और तू अब शरमा रहा है। मैं तेरी शादी होने तक खुद ही तेरी छुन्नि कि तेल लगा कर मालिश करूंगी और नहलाऊंगी भी। अगर बदमाशी करेगा तो मैं तुझे मारूंगी भी और तेरे भैया से कह दूंगी, फिर तुझे बहुत डांट पड़ेगी। मैं भैया से बहुत डरता था इस लिये मैं चुप हो जाता था। भाभी अभी भी मेरे लण्ड को छुन्नि ही कहती थी।

धीरे धीरे मैं 16 साल का हो गया तो मेरी छुन्नि पूरी तरह से लण्ड बन गयी। भाभी अभी भी मुझे भैया का डर दिखा कर मेरी छुन्नि पर तेल लगाती और मुझे नहलाती भी थी। भाभी के हाथ लगाने पर मेरा लण्ड बहुत सख्त हो जाता था। भाभी को तेल लगाने पर और भी मस्ती आने लगी थी। एक दिन मैने भाभी से कहा, अब तो मैं जवान हो गया हूं। मेरी छुन्नि भी अब लण्ड बन गयी है। जब तुम मेरे लण्ड पर तेल लगाती हो तो मुझे कुछ कुछ होने लगता है, सख्त भी हो जाता है। अब मैं खुद ही नहा लिया करुंगा। वो मुसकुराते हुये बोली, ठीक है, अब मैं तुझे नहीं नहलाऊंगी और ना ही तेल लगाऊंगी। अब तो खुश है ना। मैने कहा, हां, अब मैं बहुत खुश हूं। उसके बाद मैं खुद ही अपने सारे बदन पर तेल लगने लगा और नहाने भी लगा।

धीरे धीरे 2 साल और गुजर गये। मैं 18 साल का हो गया। अब मेरा लण्ड पूरे शबाब पर आ चुका था और 8" लम्बा और खूब मोटा हो गया था। मैं अब भी एक दम नंगा ही नहाता था। मैं भाभी से ज्यादा शरमाता भी नहीं था इस लिये मैं बाथरूम का दरवज़ा खुला छोड़ कर ही नहाता था। भाभी भी मुझसे जरा सा भी नहीं शरमाती थी। वो पहले कि तरह ही एक दम नंगी ही नहाती थी और नहने के बाद बाथरूम से नंगी ही बाहर आ जाती थी।

एक दिन मैं नहा रहा था और भाभी बाथरूम के पास से गुजर रही थी तो उनकी निगाह मेरे लण्ड पर पड़ी। उन्होने मेरे लण्ड कि तरफ़ इशारा करते हुये मजाक किया और कहा, बाप रे, तेरी छुन्नि तो अब एक दम खतरनाक हो गयी है। इतनी बड़ी छुन्नि मैने आज तक नहीं देखी है। तू जवान भी हो गया है। अब तो तेरी शादी करनी ही पड़ेगी। मैं शरमा गया और मैं टावेल लपेटने लगा। भाभी बोली, पहले तो खूब मज़े से अपनी छुन्नि पर तेल लगवाता था। अब शरम आ रही है। मैने शरमाते हुये कहा, भाभी, जाओ ना। वो बोली, अब बाथरूम का दरवाज़ा बन्द कर के नहाया कर, नहीं तो तेरी छुन्नि को मेरी नज़र लग जायेगी। मैने मजाक किया और कहा, तुम हमेशा इसे छुन्नि ही कहती रहोगी। ये तो अब छुन्नि से इतना बड़ा और मोटा लण्ड बन गया है। अब इसे लण्ड ही कहा करो। वो बोली, अच्छा बाबा, अब मैं इसे लण्ड ही कहूंगी। मैं जाती हूं, तू नहा ले। भाभी चली गयी। मैं नहाने लगा।

एक दिन भाभी उदास बैठी थी। मैने पूछा, क्या हुआ। वो बोली, कुछ नहीं। मैने ज़िद करते हुये कहा, बताओ ना। वो बोली, 6 साल गुजर गये और आज तक मैं मा नहीं बन पायी। सारा दोष तेरे भैया का ही है। मैने कहा, क्या किया भैया ने। वो बोली, वो मुझे मां बनाने के लायक ही नहीं हैं। मैने पूछा, क्यों। वो बोली, मुझे शरम आती है। मैने कहा, आज तक तो मुझसे नहीं शरमाती थी, कब से शरम आने लगी। वो बोली, बात ही कुछ ऐसी है। मैने कहा, बताओ ना। वो कहने लगी, तेरा लण्ड देख कर मैं सोचती हूं कि काश तेरे भैया का भी ऐसा होता तो आज मेरी कोख सूनी ना रहती। मुझे उनसे मज़ा भी नहीं मिल पाता।

मैने कहा, इसमें मैं क्या कर सकता हूं। वो बोली, अगर मैं तुझसे एक बात कहूं तो तू बुरा तो नहीं मानेगा क्यों कि वो बात कुछ ठीक नहीं है और मुझे ऐसा करना भी नहीं चाहिये। मैने कहा, तुम मेरे लिये इतना सब कुछ करती हो क्या मैं तुम्हारे कुछ भी नहीं कर सकता। तुम बताओ तो सही। वो बोली, इतने साल मैने केवल तुझे पल-पोस कर कर बड़ा करने में गुजार दिये और कभी मां बनने के बारे में सोचा ही नहीं। मैने कहा, तुम बताओ तो सही कि मुझे क्या करना है। भाभी बोली, मुझे शरम आती है। मैने कहा, जब मैं शरमाता था तब तो तुम मुझ पर गुस्सा होती थी। अब तुम शरमा रही हो तो मुझे क्या करना चाहिये, बताओ।

मेरी बात सुनकर वो हस पड़ी और बोली, मैं मां बनना चाहती हूं और साथ ही साथ मैं चुदायी का मज़ा भी लेना चाहती हूं। अगर तेरा कोई दोस्त हो और उसका लण्ड तेरे जैसा हो तो…… इतना कह कर वो चुप हो गयी। मैने कहा, मैं समझ गया भाभी लेकिन अगर भैया को पता चल गया तो। वो बोली, वो क्या कर लेंगे। तू तो जनता ही है कि मैं जब उन्हें घूर कर देखती हूं तो वो चुप हो जाते है। वो मेरी हर सही या गलत बात को मान भी लेते हैं। वो ऐसा क्यों करते हैं मैं आज तुझे बताती हूं। तेरे भैया का लण्ड बहुत छोटा है। उनका लण्ड ठीक उतना ही बड़ा है जितना 13 साल के उमर में तेरा था। उनका चुदायी का काम भी बड़ी मुश्किल से 2 मिनट में ही खतम हो जाता है। इसीलिये वो मुझसे डरते हैं। मैने कहा, अब मैं समझा कि वो तुमसे इतना डरते क्यों हैं। भाभी ने कहा, मुझे तेरे भैया से कोई डर नहीं है। मैने कहा, आस पास के लोग क्या कहेंगे। वो बोली, मैं यहां थोड़े ही चुदवाऊंगी। तेरे दोसत के पास ही चलूंगी और तू मेरे साथ चलेगा।

मैने कहा, मेरा एक दोस्त है, शिव। वो अकेले ही रहता है। मैं उस से बात कर लू फिर तुम्हें उसके पास ले चलुंगा।

भाभी ने कहा, मुझे तेरे जैसा लण्ड भी चाहिये।

अब मैं भाभी से ज्यादा शरमाता भी नहीं था। मैने तुरन्त ही अपनी लुंगी उतार दी और कहा फिर मेरे लण्ड से ही काम चला लो। इधर उधर जाने कि क्या जरूरत है। भाभी ने मेरे लण्ड पर अपने हाथ से हल्की सी चपत लगते हुये कहा, तू इसे अपने पास ही रख। ये मेरे लिये पुराना हो चुका है। मुझे नया लण्ड चाहिये। मैने कहा, मैने एक बार शिव का लण्ड देखा था। उसका मुझसे ज्यादा लम्बा और मोटा है। वो बोली, फिर ठीक है। तू उस से बात कर ले लेकिन वो किसी से कहेगा तो नहीं। मैने कहा, नहीं वो किसी से नहीं कहेगा। फिर 1 महीने के बाद ही वो अपने घर भी जाने वाला है। उसके बाद वो यहां वापस नहीं आयेगा। उसका घर तो यहां से 200 किलोमीटर दूर है। भाभी ने कहा, फिर ठीक है।

मैं शिव के पास चला गया। मैने शिव से बात की तो वो बहुत खुश हो गया। 1 घण्टे में मैं घर वापस आ गया। भाभी बड़ी बेसब्री से मेरा इनतजार कर रही थी। जैसे ही मैं घर के अन्दर पहुचा तो वो बोली, काम हो गया। मैने कहा, हां, वो तैयार है। भाभी ने पूछा, कब चलना है। मैने कहा, जब तुम चाहो। भाभी बहुत ज्यादा जोश में आ चुकी थी और बोली, अभी चलूं। मैने कहा, चलो। दोपहर के 11 बज रहे थे। भाभी ने भैया को फोन कर के बता दिया कि वो अपनी एक सहेली के यहां जा रही हैं, शाम के 5 बजे तक वापस आयेगी।

मैं भाभी को लेकर शिव के पास आ गया। शिव भाभी को देख कर मुसकुराने लगा तो भाभी भी मुसकुरा दी। शिव ने कहा, यही या कमरे में। भाभी ने कहा, नहीं कमरे में। भाभी ने मुझसे कहा, तू यही बैठ कर टीवी देख। मैने कहा, जब मुझे लाईव शूटिंग देखने का मौका मिल रहा है तो फ़िल्म क्यों देखू। मैं तुम्हारे साथ ही चलता हूं। वो बोली, मारूंगी अभी। मैने कहा, अच्छा बाबा जाओ। मैने टीवी पर एक फ़िल्म लगा दी और फ़िल्म देखने लगा।

भाभी शिव के साथ कमरे में चली गयी। 5 मिनट बाद ही कमरे से भाभी की चीखने और चिल्लाने की आवाजें आने लगी। मैं समझ गया कि अन्दर क्या हो रहा है। शिव का लण्ड 10" लम्बा और बहुत ही मोटा था। बहुत देर तक भाभी कि चीखने और चिल्लाने कि आवाज़ आती रही फिर धीरे धीरे उनकी आवाज़ आनी कम हो गयी। थोड़ी देर बाद ही भाभी की आहे और सिसकरियां सुनायी देने लगी। 15 मिनट के बाद शिव लुंगी पहने हुये पसीने से लथपथ कमरे से बाहर आया और बोला, जा, तुझे तेरी भाभी बुला रही हैं।

मैं कमरे के अन्दर गया तो भाभी बेड पर एक दम नंगी पड़ी हुयी थी केवल एक छोटे से कपड़े से उनकी चूत ढकी हुयी थी। उनके बाल बिखरे हुये थे। वो पसीने से एक दम लथपथ थी और उनकी सांसे बहुत तेज चल रही थी। उन्होने अपने पैरो को मोड़ कर फैला रखा था। मैने पूछा, क्या है। वो बोली, मेरे पास आ। मैं उनके पास जा कर बैठ गया तो उन्होने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली, तूने तो मुझे फंसा ही दिया। मैने पूछा, आखिर हुआ क्या। वो बोली, मैने तुझसे कहा था कि मुझे तेरे लण्ड के जैसा लण्ड चाहीये लेकिन तेरे दोस्त का तो बहुत ही ज्यादा लम्बा और मोटा है। मैं तो समझती थी कि थोड़ा सा फरक होगा। मैने पूछा, काम हो गया। वो बोली, अभी आधा ही हुआ है। मैने कहा, आधा का क्या मतलब है। वो बोली, दरद के मारे मेरी जान निकली जा रही थी। बड़ी मुशकिल से मैं उसका आधा लण्ड ही अन्दर ले पायी हूं। मैने मजाक करते हुये कहा, अगर मैं होता तो एक ही बार में पूरा का पूरा अन्दर घुसा देता। वो बोली, तब तो मैं मर ही जाती।

इतना कह कर भाभी ने मेरे गालों को चूम लिया और बोली, शिव का लण्ड बहुत ही अच्छा है। मैने पूछा, मज़ा आया। वो बोली, बहुत थोड़ा सा। जब वो पूरा अन्दर घुसा कर चोदेगा तब मज़ा आयेगा। मैने कहा, अबकि बार पूरा अन्दर ले लेना। वो बोली, दरद बहुत हो रहा था नहीं तो मैं पूरा अन्दर ले लेती। आज तूने मुझसे पहली बार कुछ कहा है और मैं तेरी बात टालूंगी नहीं। मैं अबकि बार पूरा का पूरा अन्दर ले लूगी भले ही कितना भी दरद हो। मैने कहा, मुझे अपनी चूत तो दिखा दो। वो बोली, बदमाश कही का, तू मेरी चूत देखेगा। मैने कहा, तो क्या हुआ। तुम मेरे सामने एक दम नंगी नहाती हो। तुम्हारा कुछ मुझसे छुपा है क्या। वो बोली, अच्छा बाबा, बाद में दिखा दूंगी। पहले मुझे पूरा अन्दर तो ले लेने दे। भाभी मुझसे बाते करती रही। अब हम दोनो में ज्यादा शरम नहीं रह गयी थी। तभी शिव कमरे में आ गया और बोला, मैं फिर से तैयार हूं। भाभी ने मुझसे कहा, अब तू जा बाहर। मैने मजाक किया, नहीं, मैं यही रहूंगा। भाभी बोली, मुझे तेरे सामने शरम आयेगी ना। मैने कहा, अब काहे की शरम। वो बोली, शरम खतम होने में थोड़ा समय तो लगेगा ही। अब जा ना। मैं कमरे से बाहर चला आया।

2 मिनट में ही फिर से भाभी कि चीखने और चिल्लाने कि आवाज़ आने लगी। इस बार वो कुछ ज्यादा ही जोर जोर से चीख और चिल्ला रही थी। लगभग 10 मिनट तक उनकी चीखने और चिल्लाने कि आवाज़ आती रही। उसके बाद उनकी चीखने और चिल्लाने कि आवाज़ धीरे धीरे शान्त हो गयी। लगभग 20 मिनट के बाद शिव बाहर आ गया तो मैं भाभी के पास चला गया। भाभी की हालत बहुत ज्यादा खराब दिख रही थी। उनका सारा बदन पसीने से एक दम लथपथ था और उन्होने अपने पैरो को मोड़ कर पूरी तरह से फैला रखा था। उनके बाल बिखरे हुये थे। वो एक दम नंगी पड़ी हुयी थी केवल उनकी चूत एक छोटे से कपड़े ढकी हुयी थी। मैने पूछा, काम हो गया। वो बोली, हां, लेकिन बहुत दरद हुअ। तेरे कहने की वजह से मैने इस बार पूरा अन्दर ले लिया नहीं तो मुझे अभी एक बार और करवाना पड़ता। उसका लम्बा होने के साथ साथ बहुत ज्यादा मोटा भी तो है। मैने मजाक किया, मज़ा तो आया ना। वो बोली, बदमाश कही का। मैने कहा, बताओ ना। उन्होने शरमते हुये कहा, थोड़ा सा। मैने कहा, वो क्यों। वो बोली, इस बार दरद बहुत हो रहा था ना। मैने कहा, फिर तो तुम्हारी चूत कि हालत एक दम खराब हो गयी होगी। वो बोली, बहुत ही ज्यादा खराब हो गयी है। मैं तो अब शायद 2-3 दिनो तक ठीक से चल भी नहीं पाऊंगी। मैने कहा, अब तो दिखा दो। वो बोली, अभी नहीं। मैने कहा, फिर कब। वो बोली, एक बार और करवा लेने दे तब मेरी चूत का मुह के दम खुल जयेगा। उसके बाद देख लेना। मैने कहा, ठीक है, मैं थोड़ी देर और सबर कर लेता हूं।

लगभग 30 मिनट के बाद शिव फिर आ गया तो मैं बाहर चला आया। इस बार भाभी की चीखने और चिल्लाने कि आवाज़ ज्यादा देर तक नहीं आयी। थोड़ी ही देर में उनकी सिसकारियां सुनाई देने लगी। लगभग 20 मिनट के बाद ही शिव फिर से बाहर आ गया तो मैं कमरे में चला गया।

भाभी का चेहरा इस बार कुछ खिला हुआ था। मैने कहा, लगता है इस बार मज़ा आ गया। वो बोली, हां, लेकिन तेरा दोस्त तो 10-15 मिनट से ज्यादा कर ही नहीं पाता नहीं तो मुझे और मज़ा आता। मैने कहा, अब तो दिखा दो। वो बोली, शरम आती है। मैने कहा, अभी तो तुमने कहा था कि अगली बार दिखा दूंगी। भाभी ने शरमाते हुये कहा, अच्छा बाबा, देख ले लेकिन अगर कही तुझे जोश आ गया तो। मैने कहा, मैं भी चोद दूंगा। वो बोली, ठीक है, चोद देना।

मैने भाभी कि चूत पर से कपड़ा हटा दिया। उनकी चूत कि हालत एक दम खराब हो चुकी थी। उनकी चूत का मुह बहुत ज्यादा चौड़ा हो चुका था और उनकी चूत डबल रोटी कि तरह सूज गयी थी। उनकी चूत से ज्यूस टपक रहा था जिसमें थोड़ा सा खून भी मिला हुआ था। बेड कि चादर भी उन दोनो के ज्यूस से एक दम खराब हो चुकी थी। मैं देर तक भाभी कि चूत को देखता रहा तो वो बोली, अब रहने भी दे। कब तक देखेगा। मैने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वो बोली, मेरी जान ही निकल गयी और तुझे अच्छा लग रहा है। मैने कहा, मज़ा भी तो आया। वो बोली, हां, ये तो है। मैने कहा, फिर देखने दो ना। वो बोली, ठीक है, जी भर कर देख ले। मैने कहा, मुझे भी जोश आ रहा है। वो बोली, अगर तेरा दिल करता है तो तू भी अपनी प्यास बुझा ले। मैने कहा, तुम्हारी चूत मेरे लण्ड के लायक नहीं है। वो बोली, क्यों, क्या खराबी है मेरी चूत में। मैने कहा, ये तो कुछ ज्यादा ही चौड़ी हो गयी है। भाभी कुछ नहीं बोली।

लगभग 35 मिनट के बाद शिव फिर आ गया तो मैं बाहर चला आया। इस बार भी भाभी के चीखने कि आवाज़ ज्यादा देर तक नहीं आयी। इस बार भी शिव 20 मिनट में ही कमरे से बहर आ गया तो मैं कमरे में चला गया। इस बार भाभी एक दम नंगी पड़ी थी। उन्होने अपनी चूत को भी नहीं ढका था। मैने पूछा, अब शरम नहीं आ रही है। वो बोली, अब कहे कि शरम। अब तो तू मेरी चूत को देख ही चुका है। मैने कहा, वो तो मैं बरसो से देख रहा हूं। मैने भी कि चूत को देखते हुये कहा, ये तो पहले से भी ज्यादा सूज गयी है। भाभी ने कहा, आ, बैठ जा मेरे पास। मैं उनके पास बैठ गया। उन्होने मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया और कहने लगी, तूने मुझे आज वो मज़ा दिलया है कि मैं सारी जीन्दगी इसे नहीं भुला पाऊंगी। मुझे अब लग रहा है कि मैं भी मा बन जाउँगी। मैने कहा, अब घर चलोगी या और भी चुदवाना है। वो बोली, अब आज और नहीं। मैने कहा, फिर घर चलो। वो बोली, चल।

भाभी उठने की कोशिश करने लगी तो उनके मुह चीख निकल गयी। मैने पूछा, क्या हुआ। वो बोली, बहुत दरद हो रहा है, घर कैसे जाउँगी। मैने कहा, फिर क्या करोगी। वो बोली, थोड़ा गरम पानी ले आ, मैं अपनी चूत कि सिकाई कर लेती हूं। इस से दरद कम हो जयेगा। मैने कहा, अभी लाता हूं।

मैं थोड़ी ही देर मैं गरम पानी ले कर भाभी के पास आ गया। मैने कहा, पानी लाया हूं, सिकाई कर लो। वो सिकाई करने के लिये उठना चाहती थी लेकिन उठ नहीं पा रही थी। मैने उनकी इतनी बुरी हालत देखी तो मैने कहा, कहो तो मैं ही सिकाई कर दूं। वो बोली, तू मेरी चूत कि सिकाई करेगा। मैने कहा, तो क्या हुआ। भाभी ने शरमाते हुये कहा, ठीक है, तू ही सिकाई कर दे। मैने गरम पानी से भाभी कि चूत कि सिकाई शुरु कर दी। जोश के मारे मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया। भाभी ने मेरा लण्ड देखा तो बोली, तेरा क्यों खड़ा हो गया। मैने कहा, चूत पर हाथ लगने से मुझे भी थोड़ा जोश आ गया है। वो मुसकुरते हुये बोली, गड़बड़ मत करना। मैने कहा, होटल का खाना खाने के बाद घर का खाना थोड़े ही अच्छा लगता है। आखिर में घर का खाना ही खाना पड़ेगा। वो बोली, अगर मेरा मन हुआ तो मैं घर का खाना भी खा लूंगी।

लगभग 20-25 मिनट कि सिकई के बाद मैने कहा, अब उठ कर देखो, उठ पाती हो या नहीं। भाभी उठने की कोशिश करने लगी तो उनके मुह से हल्की सी आह निकल गयी लेकिन वो उठ गयी। मैने कहा, अब चलो घर। वो बोली, थोड़ी सिकई और कर लेने दे। उन्होने मेरे हाथ से गरम पानी और कपड़ा ले लिया और अपनी चूत कि सिकई करने लगी। 10-15 मिनट बाद वो बोली, अब घर ले चल मुझे। भाभी ठीक से चल नहीं पा रही थी। मैं भाभी को सहारा दे कर घर ले आया। अगले 2 दिनो तक भाभी शिव के पास नहीं गयी।

तीसरे दिन भाभी मुझसे कहने लगी, आज रात तेरे भैया से बात हो रही थी। मैने उनसे बता दिया कि मैने तेरे एक दोस्त से चुदवाया है। पहले तो वो थोड़ा नाराज़ हुये और फिर कहने लगे कि अगर तुझे चुदवाना ही था तो क्या राज बुरा था। राज का लण्ड भी तो खूब लम्बा और मोटा है। मैने उनसे कह दिया कि मुझे राज से चुदवने में शरम आयेगी तो वो बोले फिर ठीक है तुम्हारी मरजी जीस से भी मन कहे चुदवाओ। फिर मैने उनसे कहा कि मैं कल से 10 दिनो के लिये शिव के पास जाउँगी तो वो बोले, चली जाओ। अब तू मुझे शिव के पास पहुचा दे। 10 दिनो के बाद मुझे लेने आ जाना। मैने कहा, ठीक है, चलो पहुचा देता हूं।

मैं भाभी को शिव के घर छोड़ कर आने लगा तो मैने शिव से कहा, भाभी का ख्याल रखना। वो बोला, तू चिंता मत कर। मैने भाभी से मजाक करते हुये कहा, कम से कम 50 रन जरूर बनाना। उन्होने मुसकुरते हुये कहा, मैं 51 रन बना दूंगी, तू चिंता मत कर। समय से मुझे लेने आ जाना। मैने कहा, मैं आ जाऊंगा। 10 दिन के बाद मैं भाभी को लेने शिव के घर गया। भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हो गयी। मैने मुसकुराते हुये पूछा, कितने रन बने। वो थोड़ा उदास हो कर बोली, तू मुझे घर ले चल, मैं तुझे बाद में बता दूंगी। मैं भाभी को लेकर घर चला आया।

घर पहुचने पर मैने भाभी से पूछा, अब बताओ कि कितनी बार चुदवाया। वो बोली, केवल 44 बार लेकिन मैं मा नहीं बन पाऊंगी। मैने पूछा, वो क्यों। वो बोली, शिव कल घर जा रहा है, अब वो यहां नहीं आयेगा। मैने कहा, इतने दिन तुमने उस से चुदवाया है, अब तो उसका बच्चा भी तुम्हारे पेट में आ भी गया होगा। वो बोली, मुझे आज सुबह ही महीना आ गया। अगर उसका बच्चा मेरे पेट में आ गया होता तो मुझे महीना थोड़े ही आता। मैने कहा, एक पंडित जी हैं, मैं तुम्हे उनके पास ले चलता हूं। वो बोली, फिर देर काहे कि, अभी चल।

मैं भाभी को लेकर पंडित के पास आ गया। पंडित ने भाभी कि कुंडली देखी और कहा, कुंडली के हिसाब से तुम्हारी जीन्दगी में 4 मरद आयेंगे। पहले के 3 मरद तुम्हें बच्चा नहीं दे पायेंगे। चौथे मरद से ही तुम्हें बच्चा होगा। तुम्हारी कुंडली से ये भी पता चलता है कि तुम अपने देवर के बच्चे कि मां बनोगि और तुम्हें जुड़वा लड़के पैदा होंगे लेकिन सावधान रहना। जब तक तुम्हारी जीन्दगी में 3 मरद नहीं आ जाते तब तक तुम अपने देवर से बच्चा पैदा करने कि कोशिश मत करना नहीं तो तुम कभी भी मा नहीं बन पाओगी।

भाभी ने मेरी तरफ़ इशारा करते हुये कहा, लेकिन पंडित जी, मेरा तो एक ही देवर है और वो ये है। जब मेरी शादी हुई थी तब ये 12 साल का था और मैं 16 साल की। मैने ही इसे पालपोस कर बड़ा किया है फिर मैं कैसे इससे मा बनने के बारे में सोच सकती हूं।

पंडित जी ने कहा, बेटी जरा सोचो। अगर तुम्हारी शादी 24 साल कि उमर में हुयी होति तब ये 20 साल का होता, तब तो तुम इसके बच्चे कि माबन ने को कोशिश करती या नहीं।

भाभी ने कहा, तब तो मैं जरूर कोशिश करती।

पंडित जी ने कहा, बात तो आखिर वही हुयि, फरक केवल इतना ही है कि तुम्हारी शादी जल्दी हो गयी और उस समय ये छोटा था। अगर तुम मा बनना चाहती हो तो तुम्हें इसकी मदद ही लेनी पड़ेगी। तुम्हारी कुण्डली देखने से ये भी पता चलता है कि तुम दोनो में बहुत ही ज्यादा प्रेम होगा। अब तुम ही बताओ कि मैं सही कह रहा हूं या गलत।

भाभी ने कहा, पंडित जी, आप एक दम सही कह रहे हैं। मैं अपने देवर को बहुत प्यार करती हूं और वो भी मुझे बहुत प्यार करता है।

भाभी ने मेरी तरफ़ इशारा करते हुये कहा, पंडित जी, मैं इसकी कुण्डली भी लायी हूं, देख लीजीये। पंडित जी ने बहुत देर तक मेरी कुण्डली देखी और बोले, बेटी, इसकी कुण्डली तो बहुत ही अच्छी है। इस से तो 4 जुड़वा बच्चे पैदा होंगे यानि कि कुल मिला कर 8 बच्चे। भाभी हसने लगी तो पंडित जी बोले, बेटी, हसो मत, मेरी बात ध्यान से सुनो। एक जुड़वा बच्चा तो इसकी अपनी बीवी से होगा लेकिन एक दम आखिर में। बाकी के 3 जुड़वा बच्चे 3 सगी बहनो से पैदा होगे। एक जुड़वा बच्चा तो तुमसे पैदा होना है। बाकी बचे 2 जुड़वा बच्चे। क्या तुम्हारी कोई सगी बहन भी है। भाभी ने कहा, मेरी 2 बहने और भी है। एक मुझसे 2 साल बड़ी और एक 2 साल छोति।

पंडित जी ने कहा, बेटी मेरी बात का बुरा मत मानना। तुम्हारी दोनो बहनो को भी इस से 2 जुड़वां बच्चे पैदा होगे। अगर तुम अपनी दोनो बहनो कि कुण्डली ले आओ तो मैं एक दम साफ़ साफ़ बता दूंगा। भाभी ने कहा, मैं अभी मंगा देती हूं।

भाभी ने मुझसे कहा, आलमारी में रीना और टीना कि कुण्डली रखी है, जा कर ले आ। थोड़ी ही देर मैं घर से कुण्डली ले आया। पंडित जी ने दोनो कुण्डली देखी और बोले, अब मेरी समझ में सारी बात आ गयी। भाभी ने कहा, बताये पंडित जी। पंडित जी कहने लगे, तुम्हारी बड़ी बहन कि जिन्दगी में 2 मरद आयेंगे। पहला तो उसका पति होगा और दूसरा उसका देवर। उसको भी अपने देवर से ही बच्चा पैदा होगा वो भी जुड़वां। रीना की कुण्डली से ये भी पता चलता है कि उसका कोई सगा देवर नहीं होगा। क्या ये बात सही है। भाभी ने कहा, एक दम सही है। पंडित जी ने कहा, फिर तुम्हारे देवर से ही रीना को भी जुड़वां बच्चा पैदा होगा। अब रही टीना कि बात। उसकि कुण्डली से भी ठीक यही बात सामने आती है। उसे भी अपने देवर से ही जुड़वां बच्चे पैदा होगे और उसके भी कोई सगा देवर नहीं होगा। क्या मैं सही कह रहा हूं। भाभी ने कहा, एक दम सही कह रहे हैं आप। पंडित जी ने कहा, फिर टीना को भी तुम्हारे देवर से ही जुड़वां बच्चा पैदा होगा। लेकिन एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही है। भाभी ने कहा, वो क्या पंडित जी। पंडित जी ने कहा, टीना कि जीन्दगी में कुल 21 मरद आयेगे। पहला मरद तो उसका पति होगा और आखिरी मरद तुम्हारा देवर। लेकिन उसकि जिन्दगी में बाकि के 19 मरद कहां से आयेगे ये मैं नहीं बता सकता। खैर छोड़ो जाने दो। भविष्य में क्या होने वाला है वो तो केवल ईश्वर ही जानता है।

मैं भाभी के साथ घर आ गया। भाभी ने कहा, तेरे भैया ठीक ही कह रहे थे कि मुझे तुझ से ही चुदवा लेना चाहिये था। मैं तो अब तुझसे ही चुदवा कर बच्चा पैदा करूंगी। मैने कहा, वो तो ठीक है भाभी लेकिन अभी तो तुम्हारी जिन्दगी में केवल 2 मरद ही आये हैं, पहले तीसरा तो आ जाने दो। वो बोली, देखा जायेगा लेकिन अब तो तू खुश हो जा। मैने कहा, वो किस लिये। भाभी ने कहा, तुझे मेरी और मेरी दोनो बहनो कि चुदयी करने का मौका जो मिलने वाला है। मैने कहा, आने दो सालियों को, उन्हें भी चोद दूंगा। भाभी हसने लगी और बोली, तू मेरी बहनो को गाली दे रहा है। मैने कहा, मेरी ये जुर्रत कि मैं तुम्हारी बहनो को गाली दूंगा। भाभी ने कहा, अभी तुमने कहा ना कि आने दो सालियों को उन्हें भी चोद दूंगा। मैने कहा, मैने कोई गलत बात थोड़े ही कही है, आखिर वो दोनो मेरी सालियां ही तो हैं। मेरी बात सुनकर भाभी जोर जोर से हसने लगी।

5 दिन बाद भाभी ने नहाया। उसके बाद वो एक दम नंगी ही बेड रूम में आयी और श्रृंगार करने लगी। उन्होने बहुत प्यारी सी खुशबू भी लगायी। मैने कहा, तुम्हारा इरादा तो आज खतरनाक लग रहा है। आज किस का कतल करने का इरादा है। वो बोली, तेरा। मैने कहा, अभी तो 2 ही हुये हैं, तीसरा तो आ जाने दो। इतना सुनते ही वो मुझसे लिपट कर रोने लगी। मैने पूछा, क्या हुआ, रो क्यों रही हो। वो बोली, मुझे तुझसे बच्चा चाहिये।

मैने कहा, वो तो ठीक है लेकिन पंडित जी कि बात याद है ना। वो रोते हुये कहने लगी, मेरी जीन्दगी में तीसरा मरद पहले ही आ चुका है। जब तू मुझे शिव के पास छोड़ कर घर चला आया तो दूसरे दिन उसका एक दोस्त महमूद आ गया था। मैं लाख मना करती रही लेकिन महमूद ने भी मुझे जबरदस्ती चोद दिया। मैं चिल्लती रही लेकिन उन दोनो ने मेरी एक ना सुनी। उसके बाद मैने शिव से कहा कि मैं घर जा रही हूं। शिव ने महमूद को घर भेज दिया। उसके बाद ही मैने उस से इतने दिनो चुदवया।

भाभी की बात सुनकर मुझे गुस्सा आ गया। मैने कहा, जब मैं तुम्हें लेने गया था तब ही बताना चाहिये था। मैं शिव कि अच्छी तरह से खबर लेता। भाभी ने कहा, मैं कोई बखेड़ा नहीं खड़ा करना चाहति थी। अब जो होना था वो तो हो ही चुका है। मुझे माफ़ कर दे। इतना कह कर वो मेरे कनधे पर सिर रख कर रोने लगी। मैने उन्हें समझा बुझा कर चुप कराया। थोड़ी देर बाद वो नोरमल हो गयी।

मैने पूछा, मुझे अपनी चूत नहीं दिखाओगी। वो मुसकुरा कर बोली, सारा का सारा बदन तो तेरे सामने एक दम खुला पड़ा है। आज से मैं खुद को तेरे हवाले कर रही हूं। अब तू मेरे बदन का जैसे भी चहे इस्तेमाल कर और मुझे मा बना दे। मैने कहा, मैं एक बात कहना चाहता हूं। वो बोली, अब क्या है। मैने कहा, जब तुम्हारे पेट में बच्चा आ जयेगा तब तुम नहीं चुदवाओगि। मैं चहता हूं कि पहले हम दोनो खूब जी भर के जवानी का मज़ा उठा ले। उसके बाद बच्चा पैदा करेंगे। वो बोली, ये तो बहुत ही अच्छा रहेगा। मैं आज से ही पिल्स लेना शुरु कर दूंगी। मैने कहा, फिर मैं कहां से शुरु करूं। वो बोली, जहां से तेरा मन कहे। मैने कहा, तुमने मेरे लण्ड पर तेल लगा कर बहुत मालिश की है और इसे चूमा भी है। लेकिन आज तक तुमने कभी मेरा लण्ड नहीं चूसा, चूसोगी इसे। वो बोली, क्यों नहीं चूसुन्गी।

भाभी ने तुरन्त ही मेरा लण्ड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी। मैने पूछा, मज़ा आ रहा है। वो बोली, बहुत ज्यादा क्यों कि आज तक मैने किसी का लण्ड नहीं चूसा है और आज पहली बार लण्ड चूस रही हूं वो भी अपने प्यारे देवर का। मैने कहा, मैं तुम्हारी चूत को चाटना चहता हूं। वो बोली, तो फिर चाट जल्दी से। आज तक किसी ने मेरी चूत भी नहीं चाटी है। मैने कहा, क्या कह रही हो। वो बोली, एक दम सही कह रही हूं। आज तक तेरे भैया कभी मेरी चूत ही नहीं चाटी। मैने पूछा, और शिव ने। वो बोली, उसने भी कभी मेरी चूत नहीं चाटी। वो तो लण्ड खड़ा होने के बाद सीधे जुट जाता था और झड़ने के फौरन बाद हट जाता था। उसे केवल मेरी चुदायी करने से मतलब था और वो ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट ही चुदायी कर पाता था।

मैं भाभी के उपर 69 कि पोजीशन में हो गया। वो मेरा लण्ड चूसने लगी और मैं उनकी चूत चाटने लगा। मैने पूछा, ठीक से चाट रहा हूं ना। वो बोली, तू तो बहुत ही अच्छी तरह से चाट रहा है। और तेजी से चाट, बहुत मज़ा आ रहा है। मैने भाभी कि चूत को और ज्यादा तेजी से चाटना शुरु कर दिया। 2 मिनट में ही भाभी कि चूत से ज्यूस निकल आया तो मैने कहा, लगता है बहुत जोश में हो। वो बोली, आज अपने देवर का लण्ड जो अन्दर लेने वाली हूं। मैने कहा, तुम्हारी चूत का ज्यूस चाट लूं। वो बोली, जैसी तेरी मरजी। मैं भाभी कि चूत का ज्यूस चाटने लगा तो वो सिसकारी लेने लगी। थोड़ी देर बाद मेरे लण्ड का ज्यूस भी उनके मुह में निकलने लगा। उन्होने सारा ज्यूस निगल लिया और बोली, जिन्दगी में आज मुझे पहली बार लण्ड के अमृत का स्वाद चखने को मिला है। मैने पूछा, अच्छा लगा। वो बोली, बहुत ही अच्छा था। मैने फिर से भाभी कि चूत को चाटना शुरु कर दिया और वो मेरा लण्ड चूसने लगी। 5 मिनट के बाद ही भाभी फिर से झड़ गयी तो मैने उनकी चूत का सारा ज्यूस चाट लिया। वो बोली, आज तक मुझे ऐसा मज़ा कभी नहीं मिला, तू तो एक दम पक्का खिलाड़ी लग रहा है। मैने कहा, तुमने ही तो बनाया है। तभी मुझे बदमाशी सूझी। मैने अपनी एक अंगुली भाभी की गाण्ड के छेद पर रख दी और कहा, मैं इसका मज़ा भी लेना चाहता हूं। वो बोली, फिर तू यहीं से शुरु कर दे। मुझे भी आज तक इसका मज़ा नहीं मिला है।

मैने कहा, इसका मज़ा भी लूंगा लेकिन बाद में। वो बोली, अभी क्यों नहीं। मैने कहा, पहले तुम्हारी चूत का मज़ा तो ले लूं।

हम दोनो ऐसे ही बातें करते रहे। थोड़ी देर बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया तो भाभी ने कहा, अब बरदाश्त नहीं हो रहा है, शुरु हो जा। मैने कहा, मैं नहीं चोदूंगा। वो बोली, क्यों। मैने कहा, तुम ही चोदो। वो बोली, मैं ही चोद देती हूं लेकिन चिल्लाना मत। मैने कहा, मैं कोई औरत थोड़े ही हूं कि मुझे दरद होगा और मैं चिल्लाऊंगा। वो बोली, मैं अपने देवर को चोदूंगी तो पूरि मस्ती से चोदूंगी। ऐसा धक्का लगाऊंगी कि तुझे तेरी नानी याद आ जायेगी। मैने कहा, कसम से, तब तो बहुत मज़ा आयेगा। इतना कह कर मैं बेड पर लेत गया। भाभी मेरे ऊपर आ गयी। मैं पूछा, किसी को चोदा है कभी। वो बोली, कभी नहीं लेकिन आज तुझे पहली बार चोदने जा रही हूं। मैने कहा, चोदने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। वो बोली, अभी पता चल जायेगा। भाभी ने मेरा लण्ड अपनी चूत में डाल लिया और जोर जोर के धक्के लगने लगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्यों कि आज पहली बार मेरे लण्ड ने चूत को टच किया था और कोई औरत मुझे चोद रही थी।

थोड़ी देर बाद भाभी ने कहा, कैसा चोद रही हूं। मैने कहा, बहुत ही अच्छी तरह से। वो बोली, तू जानता नहीं है कि मैं कितनी सेक्सी हूं।

मैने कहा, तुम कब से सेक्सी बन गयी। वो बोली, जब से मैं तेरे लण्ड की मालिश कर रही हूं।

मैने कहा, तो फिर पहले क्यों नहीं चुदवाया। वो बोली, शरम आती थी। वो जोर के धक्के लगाती रही और थोड़ी देर बाद ही झड़ गयी। उसके बाद वो मेरे ऊपर लेट गयी और मेरे होठों को चूमते हुये बोली, देखा मैं तेरी नानी याद करा दी। मैने कहा, मुझे तो कुछ भी नहीं हुआ।

वो बोली, मैने तेरे लण्ड को अपनी चूत के अन्दर डाल के और धक्का लगा लगा के अपनी चूत का पानी निकल दिया। मैने कहा, मेरा पानी निकलो तब पता चलेगा। वो बोली, वो मेरा काम नहीं है। मुझे मज़ा लेना था मैने ले लिया। तुझे मज़ा लेना है तो मेहनत तो तुझे ही करनी पड़ेगी।

मैने कहा, वो तो है। अब देखो मैं तुम्हें कैसे तुम्हारी नानी याद दिलाता हूं।

मैं भाभी के ऊपर आ गया। मैने उनके पैरो को मोड़ कर उनके कन्धे के पास सटा दिया और दबा कर जोर से पकड़ लिया। वो एक दम दोहरी हो गयी और उनकी चूत एक दम उपर उठ गयी। उसके बाद मैने उनकी चुदायी शुरु कर दी। मैने बहुत जोर जोर के धक्के लगने शुरु किये तो भाभी बोली, मेरी सारी हड्डियां तोड़ दलेगा क्या। मैने कहा, अभी तो ये शुरुआत है। आगे आगे देखो मैं क्या करता हूं। मैने पूरे ताकत से साथ बहुत जोर जोर के धक्के लगते हुये भाभी को चोदना शुरु किया तो वो बोली, उयीईई….…… मां……… तू तो बहुत ही बुरी तरह से चोद रहा है। मैने कहा, अभी तो तुमने मा को ही याद किया है, थोड़ी ही देर में नानी को भी याद करोगी।

वो हंसने लगी।

मैने पूछा, मज़ा आ रहा है।

वो बोली, बहुत मज़ा आ रहा है। तेरे दोस्त का लण्ड भले ही तुझसे ज्यादा लम्बा और मोटा था लेकिन उसने कभी भी उसने मुझे इतनी अच्छी तरह से नहीं चोदा। मैने कहा, मुझसे चुदवाने के बाद तुम उसे भूल जओगी। वो बोली, मैं तो इतनी देर की चुदायी में ही उसे भूल गयी।

मैं भाभी को पहली पहली बार में ही इतनी अच्छी तरह से चोद देना चाहता था कि वो उन दोनो को एक दम भूल जाये। तभी भाभी के मुह से जोर जोर कि सिसकरी निकलने लगी, रज्जज्ज…… मैं…… तो…… गयीईईईह्ह्ह्ह…… इसके साथ ही भाभी कि चूत से ज्यूस निकलने लगा। उनकी चूत से इस बार बहुत ढेर सारा ज्यूस निकला। मैं रुका नहीं, मैने अपनी स्पीड और तेज कर दी। भाभी का सारा बदन पसीने से लथपथ हो गया। मेरा सारा बदन भी पसीने से नहा गया। मेरे चेहरे का पसीना भाभी के चेहरे पर टपा टप गिरने लगा। मैं जोर जोर के धक्के लगता हुअ भाभी को चोदता रहा। 5 मिन्ट भी नहीं बीते थे कि वो फिर से झड़ गयी और बोली, उस दिन तू कह रहा था ना कि अगर मैं होता तो एक ही बार में पूरा अन्दर घुसा देता। मैने कहा, हां, कहा तो था। भाभी ने कहा, आज मैं समझ गयी कि तू एक दम सही कह रहा था।

मुझे भाभी कि चुदायी करते हुये लगभग 10 मिनट और बीते थे कि वो फिर से झड़ गयी। जब उनकी चूत का सारा ज्यूस निकल गया तो मैने कहा, मैं उस दिन एक दम सही कह रहा था, कहो तो कर के दिखा दूं। भाभी ने कहा, वो कैसे, तेरा तो पूरा अन्दर घुस ही चुका है। मैने कहा, कभी गाण्ड मरवायी है। वो बोली, कभी नहीं। मैने कहा, गाण्ड मरवाने के लिये तैयार हो। वो बोली, एक दम तैयार हूं। मैने कहा, कहो तो एक ही बार में पूरा का पूरा लण्ड तुम्हारी गाण्ड में घुसा कर दिखा दूं। वो बोली, दिखा दे। मैने कहा, बहुत चिल्लाओगी। वो बोली, चिल्लाने दे ना। मैने कहा, बहुत दरद होगा। वो बोली, होने दे ना।

मैने अपना लण्ड उनकी चूत से बाहर निकाला। मेरा लण्ड भाभी कि चूत के ज्यूस एक दम भीगा हुअ था। मैने भाभी कि चूत पर से थोड़ा सा ज्यूस उनकी गाण्ड के छेद पर लगा दिया। उसके बाद मैने अपने लण्ड का सुपाड़ा उनकी गाण्ड के छेद पर रख दिया और कहा, तैयार हो जाओ। वो बोली, मैं तैयार हूं। मैने एक धक्का मारा तो वो जोर से चीखी। मेरे लण्ड का सुपाड़ा उनकी गाण्ड में घुस गया था। मैने दूसरा धक्का मारा तो मेरा लण्ड उनकी गाण्ड को चीरता हुआ 3" तक अन्दर घुस गया। वो जोर जोर से चिल्लाने लगी। मैने तीसरा धक्का मारा तो उनकी गाण्ड से खून निकल आया और मेरा लण्ड उनकी गाण्ड में 5" अनदर घुस गया। मैं रुका नहीं। मैने बहुत जोरदर 2 धक्के और लगा दिये तो पूरा का पूरा लण्ड उनकी गाण्ड में समा गया। वो जोर जोर से चिल्ला रही थी और उनकी आंखो से आंसू निकल आये। दरद के मारे उनका बुरा हाल हो रहा था। मैने उनकी गाण्ड मारनी शुरु कर दी।

थोड़ी देर तक वो चिल्लाती रही फिर धीरे धीरे शान्त हो गयी। 5 मिनट में ही भाभी को मज़ा भी आने लगा। मैने पूछा, अब क्या ख्याल है। वो बोली, तू तो बहुत ही खराब आदमी है। मैने कहा, क्यों, मज़ा नहीं आया। वो बोली, मज़ा तो आया लेकिन दरद भी तो हुआ। मैने कहा, वो तो होना ही था लेकिन जितना होना चाहीये था उतना तो नहीं हुआ होगा। वो बोली, और जोर जोर से धक्के लगा। मैने कहा, वो तो लगाऊंगा ही। मैने और ज्यादा जोर जोर के धक्के लगने शुरु कर दिये। थोड़ी ही देर में भाभी एक दम मस्त हो गयी। 10 मिनट तक उनकी गाण्ड मारने के बाद मैने अपना लण्ड उनकी गाण्ड से निकल कर उनकी चूत में डाल दिया और उनकी चुदायी शुरु कर दी।

5 मिनट में ही भाभी फिर से झड़ गयी और बोली, कितनी बार मेरी चूत का पानी निकलेगा। मैने कहा, तुम देखती जाओ। मैने उनकी चूत से अपना लण्ड निकल कर उनकी गाण्ड में डाल दिया। 5 मिनट गानद मरने के बाद मैने फिर से उनकी चुदायी शुरु कर दी। 10 मिनट कि चुदायी में ही वो फिर से झड़ गयी तो मैने उनकी गानण्ड मारनी शुरु कर दी। भाभी बोली, लगता है कि तू आज मेरी चूत का भुरता बना देगा। मैने कहा, इसी को तो असली चुदायी कहते हैं। वो बोली, वो तो मैं आज समझ ही गयी क्यों कि तेरा दोस्त ने तो मुझे ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट तक ही चोदा था। मैने कहा, देखती जाओ, अभी तो मैं बहुत देर तक चोदने वाला हूं।

5 मिनट तक उनकी गाण्ड मारने के बाद मैने फिर से उनकी चुदायी शुरु कर दी। 10 मिनट में ही भाभी फिर से झद गयी और बोली, अब रहने दे, मैं एक दम थक गयी हूं। मैने पूछा, नानी याद आयी या नहीं। वो बोली, नानी की बात कर रहा है तू, मुझे तो नानी कि मम्मी भी याद आ गयी, अब रहने दे। मैने कहा, अभी मेरे लण्ड का पानी कहां निकला है। वो बोली, फिर जल्दी से निकाल। मैने कहा, वो मेरे बस में नहीं है। वो बोली, फिर किस के बस में है। मैने कहा, तुम्हारे। वो बोली, मैं क्या कर सकती हूं। मैने कहा, तुम भी नीचे से धक्का लगओ। वो बोली, तूने तो मेरा पैर जोर से पकड़ रखा है। मेरा पैर छोड़ेगा तब ही तो धक्के लगाऊंगी। मैने भाभी के पैर छोड़ दिये तो उन्होने भी अपना चूतड़ उठा उठा कर चुदवाना शुरु कर दिया। मैने और ज्यादा जोर जोर के धक्के लगने शुरु कर दिये।

10 मिनट की चुदायी के बाद मैं झड़ गया। वो भी मेरे साथ ही साथ फिर से झड़ गयी। मैने अपना लण्ड उनकी चूत से बहर निकला और हट गया। वो बोली, तेरा लण्ड तो बहुत ही खतरनाक है। मैने कहा, तुमने ही तो इसे तेल लगा लगा कर इतना खतरनाक बनया है। मैं तुम्हारी दोनो बहनो को भी ऐसे ही चोदुंगा। वो बोली, जरूर चोदना लेकिन मुझे आज चुदवाने में जो मज़ा आया है ऐसा मज़ा कभी नहीं आया था। मैं तो आज दोबारा चुदवाने के लायक ही नहीं रही। मैने कहा, मैं तो आज कम से कम 2 बार और चोदुंगा। वो बोली, अच्छा बाबा, चोद लेना। लेकिन तू ये तो बता कि तुझे झड़ने में इतनी देर क्यों लगती है। मैने कहा, किसी से कहोगी तो नहीं। वो बोली, बिलकुल नहीं। मैने कहा, तुम मेरे लण्ड पर तेल लगा कर कितनी देर मालिश करती थी। वो बोली, 15-20 मिनट। मैने कहा, जब मैं तुम्हें चोद रहा था तो 15-20 मिन तक तो मुझे यही लग रहा था कि मेरे लण्ड कि मालिश हो रही है। उसके बाद मुझे धीरे धीरे जोश आना शुरु हुआ। लगभग 15 मिन के बाद मैं पूरे जोश में आ गया। जोश में आने के बाद मैने 20-25 मिनट तक ही तो तुम्हारी चुदायी की। वो बोली, अब मैं समझी कि तू इतनी देर तक कैसे चोद पाता है।

मैने उस दिन भाभी को 2 बार और चोदा। अगले 3 महीने तक मैं भाभी की चुदायी करता रहा और उनकी गाण्ड भी मारता रहा। एक दिन भाभी बोली, बच्चा नहीं पैदा करना है। मैने कहा, करना क्यों नहीं है। वो बोली, अगर तुझे पूरा मज़ा मिल गया हो तो मैं पिल्स लेना बन्द कर दून। मैने कहा, ठीक है, बन्द कर दो। भाभी ने पिल्स लेनी बन्द कर दी। लगभग 40 दिन गुजर गये लेकिन उनको महीना नहीं आया। दोस्तों के पास जाने पर पता चला कि वो मां बनने वाली है। भाभी बहुत खुश हो गयी। उन्होने घर आ कर ये बात भैया को बतायी तो भैया बहुत ही खुश हो गये और बोले, मैं कहता था ना कि राज से काम चला लो, बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है। भाभी ने कहा, सोरी, मुझे माफ़ कर दो। मैने बहुत बड़ी गलती कर दी। भैया ने कहा, जब बच्चा पैदा हो जायेगा तब ही मैं तुम्हें माफ़ करुंगा

भाभी ने घर का काम करने के लिये एक नौकरानी रख ली। उसका नाम मधु था और उसकी उमर लगभग 35 साल की थी। मैने भाभी से कहा, तुमने ये क्या किया। जवान नौकरानी रखती तो मेरा काम भी हो जाता। भाभी बोली, अब कुछ दिन आराम कर लो वरना सेहत खराब हो जायेगी। समय पूरा हो जाने के बाद भाभी को जुड़वां बच्चे पैदा हुये। उन दोनो कि शकल मेरे जैसी ही थी। भैया बहुत खुश हो गये। भाभी ने भैया के पैर पकड़ लिये और कहा, अब तो मुझे माफ़ कर दो। भैया ने भाभी के माथे को चूम लिया और कहा, मैने आज तुम्हारी सारी गलती माफ़ कर दी। अब तो खुश हो जाओ। भाभी ने कहा, अब तो मैं बहुत खुश हूं। भैया ने कहा, एक बात और है। भाभी ने कहा, कहिये। भैया ने कहा, जब घर में ही अच्छा खाना मिल रहा हो तो होटल जाने की क्या जरूरत है। समझ रही हो ना मेरी बात। भाभी ने मेरी तरफ़ देखा और मुसकुराने लगी। मैं शरमा गया। भैया जब कमरे से बाहर जाने लगे तो बड़े प्यार से मेरे गाल पर हलकी सी चपत लगा गये। आज जिन्दगी में पहली बार भैया मेरे साथ प्यार से पेश आये थे।

1 महीने के बाद बच्चे की खुशी में घर पर दावत थी। भाभी की दोनो बहने रीना और टीना भी आयी थी। उस दिन तो मेहमानो कि धूम रही। दूसरे दिन रीना और तीना को छोड़ कर सारे मेहमान चले गये। दोपहर में हम सब आपस में हंसी मजाक कर रहे थे। तभी भैया बोले, मैं मारकेट जा रहा हूं, कुछ काम है। शाम तक आ जाऊंगा।

भैया मारकेट चले गये। उनके जाने के बाद मैं भाभी के बगल में बैठ गया। रीना और टीना मुझसे हंसी मजाक करने लगी। तभी भाभी उन दोनो को पंडित जी कि कही हुयी बात बताने लगी। मैं तुरन्त उठ कर खड़ा हो गया और भाभी से कहा, तुम लोग बातें करो मैं बाहर जा रहा हूं। भाभी ने शरारत भरे अन्दाज़ मैं कहा, मेरे प्यारे प्यारे बच्चो के पापा जी, चुपचाप बैठ जाओ, वरना…… मैने कहा, वरना क्या। वो बोली, वरना बहुत मारूंगी। मैने कहा, एक तरफ़ तो अपने बच्चो का पापा कहती हो और दूसरी तरफ़ मारने की धमकी भी देती हो। ये बहुत गलत बात है। भाभी ने कहा, मेरी दोनो बात सही है। तू मेरे बच्चो का पापा भी है और मेरा देवर भी। मैं तुझे भाभी के हक से मारूंगी भी। चुपचाप बैठ जा। मैं भाभी के पास बैठ गया। भाभी ने पंडित जी कि सारी बात रीना और टीना को बता दी। उन्होने शिव और महमूद के बारे में भी उन दोनो को बता दिया। भाभी बोली, लेकिन पंडित जी कि ये बात मेरी समझ में नहीं आयी कि टीना की जिन्दगी में 19 मरद और कहां से आयेंगे। मुझे तो पंडित जी कि ये बात सही नहीं लगती। तभी टीना भाभी से लिपट कर रोने लगी। भाभी ने पूछा, तुझे क्या हुआ। वो रोते हुये कहने लगी कि पंडित जी कि बात एक दम सही है।

6 महीने पहले कि बात है। एक दिन मैं शहर से जा रही थी। रास्ते में अचानक मेरी तबियत खराब हो गयी। अन्धेरा होने लगा तो मैं एक दम परेशान हो गयी। तभी मुझे एक बस आती दिखायी दी। मैने बस वाले को रुकने का इशारा किया तो बस रुक गयी। मैं बस में चढ गयी। उस बस में फ़ुटबॉल के 16 खिलाड़ी थे। उन खिलाड़ियों के साथ उनका कोच भी था। बुस में एक क्लीनर भी था। वो कुल मिलकर 19 लोग थे। लगभग 30 मिनट के बाद एक दम अन्धेरा हो गया तो उन्होने एक सुनसान जगह पर बस रोक दी। उसके बाद उन सब ने मेरे साथ एक एक कर के…… इतना कह कर टीना जोर जोर से रोने लगी।

रीना और भाभी ने तीना को समझा बुझा कर चुप कराया। उसके बाद हम इधर उधर कि बातें करने लगे। एक घन्टे में टीना एक दम नोरमल हो गयी। वो फिर से हंसी मजाक करने लगी। टीना और रीना मुझसे पहले से ही एक दम खुल कर बात करती थी और मुझसे छेड़छाड़ करती रहती थी। थोड़ी देर बाद टीना मेरी तरफ़ इशारा करते हुये बोली, मेरी जिन्दगी में 20 मरद तो आ गये, आज इसका नम्बर है। मेरी शादी को भी इतने साल गुजर गये लेकिन मैं मां नहीं बन पायी। दीदी, तुम इस से कह दो कि ये मुझे भी मां बना दे। भाभी ने कहा, तू तो कल घर चली जायेगी। एक दिन में ही ये तुझे कैसे मा बनायेगा। टीना बोली, फिर मैं एक महीने तक यहीं रुक जाती हूं। क्यों कि जब मैं यहां आयी थी उसके 3 दिन पहले ही मैने नहाया था और तब से मैं उनके साथ सोयी नहीं। मैने मजाक करते हुये कहा, तुम तो बहुत ही गन्दी औरत हो। इतने दिन हो गये और तुमने नहाया ही नहीं। टीना ने मेरे गाल जोर से काट लिये और बोली, बुद्धू, मैं रोज रोज नहाने वाली बात थोड़े ही कर रही हूं।

भाभी और रीना हसने लगे।

भाभी ने रीना से पूछा, मां बनने के बारे में तेरा क्या ख्याल है। रीना बोली, तेरे पति कि तरह से ही मेरे पति का लण्ड भी एक दम छोटा है और वो भी 2 मिनट में ही झड़ जाते हैं। तूने अभी बताया था कि इसका लण्ड बहुत ही लम्बा और मोटा है। अगर मैने इस से कराया तो मेरे पति को पता चल जायेगा, फिर मैं उन्हें क्या जवाब दूंगी। मुझे तू ऐसे ही रहने दे। भाभी ने कहा, पंडित जी बात गलत नहीं हो सकती। आज ना सही देर सबेर तू भी इसके बच्चे कि ही मा बनेगी।

रीना बोली, देखा जायेगा।

टीना बोली, दीदी, तुमने बताया था कि ये बहुत ही अच्छी तरह से चोदता है। मैं तो पूरे जोश में आ गयी हूं और मेरी चूत भी गीली हो चुकी है। इसके पहले कि जीजू बाजार से वापस आ जायेन मैं इसे दूसरे कमरे में ले जाती हूं और कम से कम एक बार तो मज़ा ले ही लेती हूं। मैने मजाक किया, क्यों, अपनी दीदी के सामने शरम आती है। वो बोली, भला मुझे क्यों शरम आने लगी। अगर तेरे में हिम्मत है तो मुझे चोद कर दिखा दीदी के सामने।

भाभी ने कहा, टीना, इसे चैलेन्ज मत कर, ये बहुत ही खराब आदमी है। ये तुझे हमारे सामने भी चोद सकता है।

टीना बोली, मैं इसे बरसों से जानती हूं। इसमें इतनी हिम्मत नहीं है। दीदी, तुम्हें याद है ना जब तुम्हारे कहने पर मैने एक बार इसके लण्ड पर तेल लगाया था ये कितना शरमा रहा था। ये मुझे तुम सब के सामने नहीं चोद सकता। मैने भाभी से कहा, इसे समझा दो, नहीं तो मैं इसे यहीन पर चोद दूनगा। तीना ने मुझे चिधते हुये कहा, रहने दे, रहने दे। मैने भाभी से कहा, समझाओ इसे, नहीं तो गड़बड़ हो जायेगी। टीना बोली, क्या गड़बड़ करेगा तू। मैने कहा, मैं अभी बताता हूं इसे।

मैं पहले से ही जोश में आ चुका था और मेरा लण्ड भी खड़ा हो चुका था। मैने अपनी लुन्गी उतार कर फेक दी और भाभी और रीना के सामने ही टीना को पटक दिया। उसके बाद मैने रीना का पेटीकोट उठा कर एक ही धक्के में अपना पूरा का पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसेड़ दिया। रीना शरमा गयी और उसने अपना मुह दूसरी तरफ़ कर लिया लेकिन भाभी मुझे देखती रही। उन्होने मुझे इशारा कर दिया कि मैं अपना काम जारी रखूं। मैने टीना की चुदायी शुरु कर दी। 2 मिनट में ही टीना पूरी मस्ती में आ गयी। उसने मुझसे चूतड़ उठा उठा कर चुदवाना शुरु कर दिया। मैने भी उसे पूरे जोश और ताकत के साथ खूब जोर जोर के धक्के लगाते हुये चोदना शुरु कर दिया। 20-25 मिनट कि चुदायी के बाद टीना बोली, ओह राज, तुमने तो मुझे इतनी देर में ही एक दम पागल कर दिया है। मैं 2 बार झड़ भी चुकी हूं, अब रहने भी दो। मैने कहा, टीना रानी, ये तो शुरुआत है, अभी तो बहुत देर लगेगी। भाभी बोली, मैं कह रही थी ना कि इसे चैलेन्ज मत कर लेकिन तू नहीं मानी, अब भुगतो।

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